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डीएम व एसपी ने सयुंक्त रूप से किया नदी उस पार के गांवों में स्थलीय निरीक्षण

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 नारायणी नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना के दृष्टिगत डीएम एवं पुलिस अधीक्षक ने सयुंक्त रूप से पूरी टीम सहित नदी के उस पार के गांवों में किया स्थलीय निरीक्षण, तैयारियों का लिया जायज़ा

कुशीनगर। नेपाल क्षेत्र के अंतर्गत चीन-तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में भारी अतिवृष्टि के कारण ग्लेशियर जनित झील के फटने (Glacial Lake Outburst) की सूचना प्राप्त हुई है। इसके कारण नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है। प्राप्त सूचना के अनुसार वाल्मीकि बैराज से लगभग 2.50 लाख से 3.00 लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज प्रवाहित होने की संभावना है। संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए जनपद प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

उक्त स्थिति के दृष्टिगत डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने पुलिस अधीक्षक के साथ आज नारायणी नदी के तटवर्ती एवं संवेदनशील शिवपुर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्र में नदी के जलस्तर एवं संभावित प्रभाव वाले स्थानों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की।


निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिवपुर सहित आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों से संवाद किया तथा उन्हें संभावित जलस्तर वृद्धि के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली सूचनाओं एवं चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें तथा नदी के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं।

साथ ही पशुओं को भी नदी एवं निचले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई। संभावित आपात स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम की तैनाती कर दी गई है। एसडीआरएफ की टीम को आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके।

डीएम ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील एवं तटवर्ती क्षेत्रों में अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर रहकर लगातार निगरानी सुनिश्चित करें। नदी के जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की नियमित जानकारी प्राप्त करते हुए तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए। उन्होंने संभावित परिस्थितियों को देखते हुए राहत एवं बचाव से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम स्तर पर भी कर्मचारियों एवं स्थानीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किए जाने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है और संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं तथा राहत एवं बचाव टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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